Saturday, April 21, 2012

कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र -- भाग दो


कोणार्क  सम्पूर्ण  चिकित्सा  तंत्र    --   भाग दो –                               


ब्रांड्स  अकादमी  कर्नाटक  द्वारा प्रदत्त Best Holistic Centre In Bangalore के Service Excellence  Award, 2011-12 से सम्मानित कोणार्क सम्पूर्ण चिकित्सा तंत्र ( KSCT - CURE FOR INCURABLES ) के खोजकर्ता व निदेशक शेखर जेमिनी से एक लम्बी बातचीत पर आधारित रिपोर्ताज :

KSCT किन अर्थों में सर्वथा नवीन मौलिक, सुरक्षित, निरापद एवं रोगों का समूल नाश करने वाली पद्धति है?

KSCT के अनुसार शरीर में उत्पन्न व्याधि के तीन प्रमुख कारण / प्रकार इस प्रकार हैं :

( १ )       अनुवांशिक / खानदानी (GENETIC /HEREDITARY)
( २ )     बाहरी संक्रमण
( ३ )      जीवन शैली

इनमें से  जब किसी  भी  कारण  से  शरीर में मौजूद प्राकृतिक रंग-संयोजन (spectrum) का अनुपात बदल जाता  है तो बीमारी आती है । सभी स्वस्थ जीव-धारियों में रंगों का ये संयोजन प्रकृति में मौजूद रंग-संयोजन का हू-ब-हू  प्रतिरूप है | यह रंग-संयोजन सभी जीवित पदार्थों से ये उत्सर्जित होता रहता है और उसे एक अलग शख्शियत, पहचान तथा वैशिष्ट्य प्रदान करता है | साथ ही, उसके वर्तमान स्वास्थ्य की अवस्था की भी आधारभूत प्रामाणिक जानकारी देता है | इस  वर्तमान स्वास्थ्य की अवस्था के रंग-संयोजन का अध्ययन करने के लिए बहुत सारे माध्यम हैं । उनमें BODY FLUIDS मसलन रक्त, मूत्र, वीर्य, अस्थि मज्जा, अश्रु, लार, पसीना इत्यादि सर्वाधिक व्यावहारिक और प्रामाणिक हैं । यूँ व्यक्ति विशेष के अँगूठे  का निशान व उसका छाया चित्र भी प्रिज्म (Prism)   के माध्यम  से  उसके रंग-संयोजन  की  कुछ  हद  तक  जानकारी  दे  सकते हैं ।

KSCT के द्वारा इसी रंग-संयोजन का आवश्यकतानुसार उपरोक्त माध्यमों से विषद अध्ययन किया जाता है तथा रोग के कारण प्रभावित, रोगी के शरीर की वर्तमान स्वास्थ्य दशा का पता लगाया जाता है । इसके  बाद उस  रोगी विशेष तथा उसके रोग विशेष की दवा का  फोर्म्युलेशन (सूत्रीकरण ) तैयार किया जाता  है और फिर अंतत: उस सूत्रीकरण से उस रोगी एवं रोग विशेष की अत्याधुनिक पद्धति से दवा का निष्पादन किया जाता है ।

क्योंकि KSCT दुनिया की ऐसी पहली व एकमात्र चिकित्सा पद्धति है जो दवाई का उत्पादन शत-प्रतिशत व्यक्ति विशेष के लिए करती है, जिसके कारण यह दवाई सर्वाधिक प्रभावी, सटीक और किसी भी पार्श्व  प्रभाव  से मुक्त रहती है । अर्थात KSCT का  एक  मात्र  दावा  यही  है  की उसकी दवा  किसी भी हानिकारक प्रतिक्रिया से मुक्त रहते हुए रोग को समूल नष्ट करने की दिशा में कार्य करती है |

 जिन बीमारियों का अब तक KSCT के  अंतर्गत सफलता पूर्वक उपचार हुआ है, उनमे से कुछ इस प्रकार हैं :

( १ )    Diabetes : Type 1 and 2
( २ )      HIV+ संक्रमण
( ३ )     All cancers - मुख्यत: सभी प्रकार  के Blood Cancers
( ४ )      Chronic renal failure ( Kidney failure, Nephritis )
( ५ )     Rheumatism ( Rheumatoid Arthritis )
( ६ )     SLE ( Systemic Lupus Erythematosus )
( ७ )     ILD ( Interstitial Lung Disease )
( ८ )     Almost all skin diseases ( सभी  चमड़ी रोग )
( ९ )      Hair Problem
( १० )    Endocrinological Problems ( स्रावी तंत्र से जुड़ी समस्याएँ)
( ११ )     Kidney, Gall Bladder and Liver Stones
( १२ )     Spondylitis
( १३)      Piles ( बवासीर )
( १४ )     Jaundice / Hepatitis
( १५ )    Erectile dysfunction ( लिंगोथ्थान  अभाव )  
( १६ )    Premature ejaculation and  Infertility
( १७ )    Asthma ( दमा )
( १८)      General allergies and  respiratory problems
( १९)      Parkinson’s disease
( २० )    Sciatica Pain
( २१ )     Varicose Veins
( २२ )    Oligospermia
( २३ )    Hydrocephalus
( २४ )    Multiple sclerosis
( २५ )    Seizure disorder ( Epilepsy )
( २६ )    Macular degeneration
( २७ )    Cataract
( २८ )    Glaucoma
( २९ )    Digestive Problems and Constipation

KSCT के अंतर्गत किसी भी  बीमारी  के इलाज़ की न्यूनतम एवं संभावित अधिकतम अवधि कितनी रहती है ?
साधारण तथा सामान्य बीमारियों यथा पाचन सम्बन्धी, कब्ज़, बालों का झड़ना, चमड़ी की एलर्जी इत्यादि की चिकित्सा के लिए न्यूनतम अवधि कम से कम ४ से  ६ महीने तक तथा जटिल रोगों की चिकित्सा के लिए न्यूनतम अवधि १ से २ वर्ष तक ।

संपर्क सूत्र :

KSCT - CURE FOR INCURABLES
NO.144, FIFTH CROSS, BHEL LAY OUT, AMBA BHAVANI ROAD,
(NEAR SAMBHRAM INSTITUTE OF TECHNOLOGY - VIA M.S.PALYA),
VIDYARANYAPURA POST 
BANGALORE-560-097


Phones : 8065701791, 9341260175, 8023648487

Virendra Kumar Sharma

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